दिल और आँसूं ३
कुछ आंसूओं की बूंदें छुपानी थी उसे,
आसान ना था मेंहदीं लगी हाथों से आंसू को छूना,
दिल की धड़कनों के दरमयां सांसों की उठती गिरती लहरों ने जैसे इस काम को अंजाम दिया ही था,कि
बहते काजल ने चुगली सी कर दी।
क्यू मेकअप और मेंहदीं भी दिल के आंसूओं को छुपा ना सके थे शादी की उस रात में?
रात के अंधेरों का आज भी इंतजार करते हैं दिल के आंसू।
करवटों के दरमयां छूपाना आसां हो जाता है ना।।।
#शादीऔरदिलकेआंसू
👌👌
ReplyDelete👍👍👍
ReplyDeleteशुक्रिया
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ReplyDeleteSuper sir...
ReplyDeleteशुक्रिया
DeleteBhut khoobsurt 🌸
ReplyDeleteशुक्रिया
DeleteHmmm
ReplyDeleteधन्यवाद
ReplyDeleteAwesome
ReplyDeleteThanks
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