Papa
"पापा... बस पापा ही रहते हैं"
पता नहीं दुनिया फादर्स डे को
उतना मनाती है या नहीं,
पर मेरे लिए...
ये दिन हर बार कुछ कह जाता है —
दिल की गहराइयों में उतर जाता है।
एक गीत की पंक्ति अक्सर याद आती है —
"माँ से हमें मिलता है प्यार,
और पिता से मिलता है ज्ञान..."
सच मानिए, पापा से मैंने पाया है
जीवन का सबसे अमूल्य वरदान।
सबसे छोटा था घर में मैं,
इसलिए मिला साथ उनका हर कदम में।
जब भी वो निकलते कहीं भी बाहर,
मैं होता था उनके साए में, पूरी नज़र में।
उनका हर उत्तर मेरे हर "क्यों?" का जवाब बन जाता,
सीधी बातों में गहरी सीख दे जाते।
वो सिर्फ मेरे पिता नहीं थे —
एक चलती-फिरती किताब थे,
जो जीवन समझाते-सिखाते थे।
पापा बैंक मैनेजर थे,
पर असल में मेरी सोच के आर्किटेक्ट थे।
कहते थे —
"संपत्ति से पहले ज्ञान कमाओ,
बाकी सब पीछे से आएगा..."
उनकी बातें आज भी मेरे रास्ते को रोशन करती हैं,
भविष्य की बुनियाद वही बातें भरती हैं।
लोग कहते हैं —
पापा, उनके दोस्तों के दोस्त बन जाते थे...
पर मेरे साथ उल्टा हुआ —
मेरे पापा के दोस्त, मेरे दोस्त बन गए थे...
उनकी बातों में अपनापन था,
उनके मित्रों में भी वही संस्कार झलकते थे।
जब मैं 34 का हुआ,
पापा दुनिया छोड़ गए चुपचाप...
लेकिन उनकी यादें नहीं गईं,
वो आज भी हैं — हर फैसले में, हर जवाब में।
अब भी जब जीवन किसी मोड़ पर खड़ा होता है,
मन ही मन पापा से बात हो जाती है।
आवाज़ नहीं आती...
पर उनका रास्ता साफ दिखता है।
पापा...
आप हमेशा पापा ही रहेंगे।
Papa is always papa…
Thank you. 🙏
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