कॉल मर्जिंग स्कैम

 


कॉल मर्जिंग स्कैम एक प्रकार की धोखाधड़ी है जिसमें ठग पीड़ित को फोन कॉल मर्ज करने के लिए धोखा देते हैं ताकि संवेदनशील जानकारी, जैसे कि वन-टाइम पासवर्ड (OTP), प्राप्त कर सकें। इस जानकारी का उपयोग बैंक खातों या अन्य सुरक्षित प्लेटफार्मों तक पहुंचने के लिए किया जाता है।


स्कैम कैसे काम करता है?


1. प्रारंभिक कॉल: ठग पीड़ित को कॉल करता है और दावा करता है कि उसके पास नंबर किसी परिचित या विश्वसनीय स्रोत से आया है।



2. कॉल मर्ज करने का अनुरोध: ठग पीड़ित से कॉल को किसी अन्य नंबर (जैसे उनके "मित्र" या बैंक प्रतिनिधि) के साथ मर्ज करने का अनुरोध करता है।



3. OTP कॉल से जोड़ना: जब कॉल मर्ज हो जाती है, तो पीड़ित अनजाने में अपने बैंक से आने वाली एक स्वचालित OTP सत्यापन कॉल से जुड़ जाता है।



4. पीड़ित को धोखा देना: ठग किसी बहाने से पीड़ित को OTP साझा करने के लिए मना लेता है, यह कहकर कि यह सत्यापन के लिए आवश्यक है।



5. अनधिकृत लेन-देन: जैसे ही पीड़ित OTP साझा करता है, ठग उसका उपयोग करके बैंक खाते से पैसे निकाल लेता है।




खुद को कैसे सुरक्षित रखें?


1. अज्ञात नंबरों के साथ कॉल मर्ज न करें: यदि कोई अजनबी कॉल मर्ज करने के लिए कहे, तो तुरंत मना कर दें।



2. कॉलर की पहचान सत्यापित करें: यदि कोई व्यक्ति बैंक प्रतिनिधि होने का दावा करता है, तो सीधे बैंक के आधिकारिक ग्राहक सेवा नंबर पर कॉल करें।



3. बैंक कभी भी कॉल पर OTP नहीं मांगते: यदि कोई फोन कॉल पर OTP मांगता है, तो यह धोखाधड़ी का संकेत है।



4. संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करें: यदि आपको किसी ऐसे लेन-देन के लिए OTP प्राप्त होता है जिसे आपने शुरू नहीं किया, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और अपने बैंक को सूचित करें।




Comments

Popular Posts