बच्चों के लिए 19 महत्वपूर्ण श्लोक, जिन्हें सीखना और उच्चारण करना आसान है 2
11. सर्व कल्याणी मंत्र
गौरी नारायणी को समर्पित।
श्लोक
सर्व मंगल मांगल्ये
शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी
नारायणी नमोऽस्तुते।
अर्थ
हे देवी, जो सभी प्रकार की मंगलकारी हैं, सबके कार्य सिद्ध करने वाली हैं, त्रिनेत्रधारी गौरी, आपको मेरा प्रणाम।
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12. सरस्वती नमस्तुभ्यम्
ज्ञान प्राप्त करने के लिए सरस्वती देवी से प्रार्थना।
श्लोक
सरस्वती नमस्तुभ्यं
वरदे कामरूपिणि।
विद्यारंभं करिष्यामि
सिद्धिर्भवतु मे सदा।
अर्थ
हे सरस्वती देवी, आपको मेरा प्रणाम। आप सभी इच्छाओं को पूर्ण करती हैं। मैं विद्या का आरंभ कर रहा हूँ, कृपया मुझे सफलता प्रदान करें।
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13. हयग्रीव स्तुति
भगवान विष्णु के हयग्रीव रूप की स्तुति।
श्लोक
ज्ञानानन्दमयं देवं
निर्मल स्पटिकाकृतिम्।
आधरं सर्व विद्याना
मध्याग्रीवं उपास्महे।
अर्थ
ज्ञान और आनंद के स्वरूप, जिनका स्वरूप क्रिस्टल के समान शुद्ध है, समस्त विद्याओं के आधार भगवान हयग्रीव को प्रणाम।
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14. दीपम श्लोक
दीपक के महत्व को बताने वाला।
श्लोक
शुभं करोति कल्याणम्
आरोग्यम् धन संपदा।
शत्रुबुद्धि विनाशाय
दीपज्योति नमोऽस्तुते।
अर्थ
जो प्रकाश शुभता, स्वास्थ्य, धन, और शत्रुओं की बुद्धि का नाश करता है, उसे मेरा प्रणाम।
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15. लक्ष्मी श्लोक
धन की देवी लक्ष्मी के लिए प्रार्थना।
श्लोक
नमस्तेस्तु महामाये
श्रीपीठे सुरपूजिते।
शंख चक्र गदा हस्ते
महालक्ष्मी नमोऽस्तुते।
अर्थ
हे महालक्ष्मी, जो सभी देवताओं द्वारा पूजित हैं और शंख, चक्र और गदा धारण करती हैं, आपको मेरा नमन।
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16. सस्ता दशकम
अयप्पा स्वामी को समर्पित।
श्लोक
मत्ता मातंग गमनं
कारुण्यामृत पूरितम्।
सर्व विघ्न हरं देवं
सस्तारं प्रणमाम्यहम्।
अर्थ
जिसका गमन मतंग (हाथी) के समान है, जो करुणा से परिपूर्ण हैं, और सभी विघ्नों को हरने वाले हैं, ऐसे भगवान सस्तार को प्रणाम।
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17. भूतनाथ श्लोक
शिव को समर्पित।
श्लोक
भूतनाथ सदानंद
सर्व भूत दया पर।
रक्षा रक्षा महाबाहो
सस्त्रे तुभ्यं नमो नमः।
अर्थ
सभी जीवों पर दया करने वाले, आनंदमय भगवान भूतनाथ, आपकी रक्षा की कृपा की प्रार्थना है।
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18. शिव मंत्र (महामृत्युंजय मंत्र)
शिव का यह मंत्र साहस और शक्ति का स्रोत है।
श्लोक
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।
अर्थ
हम भगवान शिव की पूजा करते हैं, जो त्रिनेत्रधारी हैं, और जीवन के पोषक हैं। हमें मृत्यु के बंधनों से मुक्त कर अमरता का आभास दें।
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19. हरे कृष्ण मंत्र
यह मंत्र भगवान विष्णु की
स्तुति करता है।
श्लोक
हरे कृष्ण हरे कृष्ण
कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम
राम राम हरे हरे।
अर्थ
भगवान कृष्ण और भगवान राम, जो भगवान विष्णु के अवतार हैं, उनकी स्तुति करते हुए इस मंत्र का उच्चारण किया जाता है।
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क्या आप इनमें से किसी श्लोक पर और अधिक जानकारी चाहते हैं?
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