*🌷डेंगू मलेरिया के लक्षण एवम उपचार🌷*
*🧐बदलते मौसम में पनपता है एडीज मच्छर जो अपने साथ फैलाता है डेंगू बुखारऔर ये बुखार इतना खतरनाक हो सकता है कि मरीज़ की जान ले ले इस रोग का पनपना जून के महीने से शुरू होता है और मॉनसून के महीने में अपना चरम प्रकोप दिखाना शुरू करता है इसी मच्छर के काटने से डैंगू बुखार होता है एडीस मच्छर जमे हुए पानी जैसे कूलर में जमा पानी, नालों में खड़ा पानी, सड़क पर जमा पानी वगैरह में पैदा होते हैं औऱ बढ़ते हैं जो लोग शारीरिक रूप से संवेदनशील होते हैं या उनकी प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर होती है, उनमें डेंगू रोग होने की संभावना ज्यादा होती है एडीज मच्छर के काटने से जो वायरस फैलता है वह शरीर को तभी प्रभावित करता है जब शरीर उससे लड़ने में असक्षम होता है।इस रोग से बच्चे से लेकर वयस्क सभी प्रभावित होते हैं विशेषकर बच्चे संवेदनशील होने के कारण ज़्यादा प्रभावित होते हैं। डेंगू के एडीज मच्छर दिन में काटते हैं, इसलिए दिन के समय भी मच्छर से खुद को बचाना जरूरी होता है*
*अन्य कारण⏬*
*🌸प्रकृति विरुध्द दूषित तथा बासी भोजन भी जिससे शरीर में विषाक्त अंश एकत्रित होने से शरीर में अग्नि बढ़ती है और विषम ज्वर शुरू*
*डैंगू के लक्षण⏬*
*🌸डेंगू बुखार के लक्षण आम बुखार से थोड़े अलग होते हैं बुखार बहुत तेज़ होता है,साथ में कमज़ोरी हो जाती है और चक्कर आते हैंकई लोगों में चक्कर आने से बेहोशी भी देखी गई है,ऐसे में मुंह का स्वाद बदल जाता है और उल्टी भी आती है सिरदर्द, मांशपेशियों ,पीठ में दर्द और बदन दर्द भी होता है कई लोगों को त्वचा पर रैशेज़ भी हो जाते हैं तेज बुखार जो 3 से 7 दिन तक रह सकता हैजी मचलाना या उलटी होना, आँखों में दर्द, शरीर में लाल चक्कते पड़नाभूख न लगना, चिड़चिड़ापन महसूस करना, ब्लड प्रेशर में गिरावटऐंठन के साथ साथ जोर से सर्दी लगने के बाद तेज ज्वर,रोगी 2-3 रजाई ऊपर डालने को कहता है, तेज ज्वर के कारण रोगी को वमन भी होता है जिसके बाद जोरों से पसीना और ज्वर उतर जाता है,रोगी स्वयं को ज्वर मुक्त समझने लगता है लेकिन एक दिन छोड़कर या दो दिन बाद उसी समय ज्वर फ़िर चढ़ जाता है कभीकभी ज्वर बिना नागा लगातार चढ़ता है पुराने मलेरिया में ज्वर सर्दी लग कर नही आता*
*प्रमुख पहचान⏬*
*🌸पेटदर्द,पीलिया , नाक मेंरक्त आना, यकृत प्लीहा का बढ़ना और पसीना आकर छुटना इसके लिये MP -टेस्ट करवाये डेंगू की गंभीर स्थिति में आँख या नाक से खून भी निकल सकता है यह सारे प्रमुख लक्षण और भी वायरल बुखार के हो सकते है इसलिए एक बार डॉक्टर से परामर्श लेकर खून की जांच अवश्य करवा लेनी चाहिए*
*ध्यान दें⏬*
*🌸अक्सर बुखार होने पर लोग घर पर क्रोसिन जैसी दवाओं से खुद ही अपना इलाज करते हैं लेकिन डेंगू बुखार के लक्षण दिखने पर थोड़ी देर भी भारी पड़ सकती है प्लेटलेट्स काउंट चेक कराएं अगर पानी पीने और कुछ भी खाने में दिक्कत हो और बार-बार उल्टी आए तो डीहाइड्रेशन का खतरा हो जाता है ये लिवर एन्ज़इम्स में गड़बड़ का सूचक होता है प्लेटलेट्स के कम होने या ब्लड प्रेशर के कम होने या हीमाटाइट यानी खून का घनापन बढ़ने को भी खतरे की घंटी मानना चाहिये*
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