मां से झूठा कोई नहीं



*💐हर कामयाबी के पिछे माँ💐*


दो दोस्त एक साथ कॉलेज में पढ़ा करते थे, और उनके साथ ऐसा हुआ कि एक दोस्त आई ए एस बना और दूसरा दोस्त पी सी एस। कुछ समय बाद दोनों दोस्त एक ही ऑफिस के अंदर मिले जहाँ वे साथ-साथ काम करते थे । एक रोज पी सी एस दोस्त ने कहा-

"अरे दोस्त! आज शाम को हम लोगों ने पार्टी रखी है, आज तुम भी हमारे साथ रहो, कुछ मजे करो।"

"नहीं यार, मेरे लिए ऐसा करना मुश्किल है।" आई ए एस दोस्त ने कहा।

"अरे यार, तेरे तो पापा भी नहीं है, तेरी अभी शादी भी नहीं हुई है, फिर किस बात का डर है तुझे?" पी सी एस दोस्त ने पूछा।

"मुझे मेरी माँ का डर है। ऑफिस से निकलने से पहले मैं माँ से फोन पर बात करता हूँ । मेरी माँ को अच्छी तरह से मालूम है कि मुझे घर पहुंचने में आधा घंटा से पौने घंटे का समय लगता है। उसी हिसाब से वह गरम खाना बनती है और हम मिलकर खाते हैं।" आई ए एस दोस्त ने कहा।

"यारों के लिए एक दिन माँ से झूठ नहीं बोल सकता।" दोस्त ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा।

"नहीं यार, अपनी माँ से मैं झूठ नहीं बोल सकता । मेरी माँ से अच्छा झूठ कोई बोलना नहीं जानता।"

"क्या बात करता है यार.... तेरी माँ भी झूठ बोलती है, और तुझे झूठ बोलने में शर्म आएगी?" पी सी एस दोस्त ने चौंकते हुए कहा।

"हाँ, मेरी माँ ने मुझसे बहुत अच्छे -अच्छे झूठ बोले हैं। मुझे सात बजे जाना होता था , मगर माँ पाँच बजे की कहती कि छह बज गए हैं। मैं जल्दी से उठ जाता, और वह मुझे इत्मीनान से खाना खिलाकर कहती, समय सबसे कीमती है, समय की इज्जत किया करो।" आई ए एस दोस्त ने बताया।

"अरे यार, ऐसे झूठ तो बचपने में मेरे साथ भी बोले गए हैं, इसमें ऐसी क्या खास बात है भला।" दोस्त ने हँसते हुए कहा।

"मेरा जिस दिन इंटरव्यू था, मैंने माँ को फोन किया कि मुझे पापा से बात करनी है, लेकिन माँ ने कहा कि जब तू आई ए एस बन जाएगा तो ही पापा बात करेंगे। मैंने बहुत अच्छे से इंटरव्यू दिया। मैंने माँ को फोन मिलाया कि मेरा इंटरव्यू बहुत अच्छा हुआ है, मैं पक्का आई ए एस बन जाऊंगा। तब माँ ने बताया कि मेरे पापा की तबीयत बहुत खराब है, जल्दी से आ जाओ। मैं जब घर पहुंचा तो मेरे पिता नहीं बल्कि उनकी लाश मेरा इंतजार कर रही थी। मैंने माँ से पूछा कि उन्होने सच पहले ही क्यों नहीं बताया ? तब माँ ने कहा कि अगर मैं तुझे पहले सच बता देती तो तेरी मेहनत पर पानी फिर जाता। तेरे पिता जी का और तेरा सपना टूट जाता। मेरी माँ भले अनपढ़ है, मगर मेरे जन्म से नौ महीने पहले से मुझे जानती है.... मेरी माँ से मैं झूठ नहीं बोल सकता ...सॉरी दोस्त।“ आई ए एस दोस्त ने कहा।

"सर ! आज समझ गया कि आपकी कामयाबी के पीछे माँ है। माँ से अच्छा झूठ कोई नहीं बोल सकता।" उसने सेल्यूट किया और कमरे से बाहर निकल गया।

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