पाताल भुवनेश्वर , प्रकृति की कला
🚩🌹🌷🙏 *#जय_महादेव* 🙏🌷🌹🚩
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अद्भुत,अकल्पनीय पाताल भुवनेश्वर गुफ़ा जानें,गुफा में शंकराचार्य द्वारा स्थापित है, #तांबे_मढ़ा_शिवलिंग?
भारत के मंदिर स्थापत्य कला के अद्भुत नमूने व लोगों की गहरी आस्था के अद्भुत केंद्र है। साथ ही आस-पास का प्राकृतिक सौंदर्य हमें ईश्वर के और भी नजदीक ले जाता है। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के गंगोलीहाट कस्बे में स्थित प्राचीन गुफा मंदिर पाताल भुवनेश्वर के दर्शन भी कुछ ऐसे ही हैं।
सड़क के दोनों ओर मौन खड़े वृक्षों के मध्य धूप छांव के बीच हिचकोले खाते आपका वाहन अल्मोड़ा शहर की ऊंची नीची घाटियों से गुजरता चला जाता है। कभी सैंकड़ों फुट नीचे तो कभी चढ़ाई-चढ़ते-चढ़ते वाहन बादलों की पालकी में हवा में तैर रहा होता है। ऐसे में अचानक सामने दिखाई देने लगती हैं धवल हिमालय पर्वत की नयनाभिराम नंदा देवी, पंचचूली, पिंडारी, ऊंटाधूरा आदि चोटियां।
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के प्रसिद्ध नगर अल्मोड़ा से केवल चार घंटे में टैक्सी द्वारा शेराघाट होते 160 किलोमीटर की दूरी तय कर गंगोलीहाट नामक स्थान पर पहुंचते-पहुंचते प्रकृति सब कुछ लुटा देती है पर्यटकों पर। प्रकृति की गोद में बच्चों की तरह अठखेली करते यात्रीगण जरा सी भी थकान महसूस नहीं करते। (पर्यटक दिल्ली से चल कर पहले दिन 350 कि.मी. की दूरी तय कर अल्मोड़ा पहुंच सकते हैं)।
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