अध्यात्म

*💐अध्यात्म क्या है...?💐* 



अध्यात्म एक दर्शन है, चिन्तन की धारा है, विद्या है, हमारी संस्कृति की परम्परागत विरासत है, ऋषियों, मनीषियों के चिन्तन का निचोड़ है, उपनिषदों का दिव्य प्रसाद है। आत्मा, परमात्मा, जीव, माया, जन्म- मृत्यु, पुनर्जन्म, सृजन- प्रलय की अबूझ पहेलियों को सुलझाने का प्रयत्न है-अध्यात्म। 


पूछो स्वयं से कि मैं कौन हूँ..? जब मनुष्य यह जानने की चेष्टा करता हैं कि “मैं कौन हूँ..?” वहीं से अध्यात्म की उत्पति होती है।


निश्चित मानिये ! आप बहुत महान हैं, क्योंकि आप महान परमपिता “परमात्मा” की संतान “आत्मा” हैं। स्वयं को जानना और ईश्वर को पहचानना ही अध्यात्म का परम लक्ष्य है। 


अपवित्र- नकारात्मक कार्यों व विचारों से बचना, सामाजिक एवं राष्ट्रीय जीवन को आघात पहुँचाने वाले कार्यों को पाप समझना। और नैतिकता, पवित्र जीवन- मूल्य, परोपकार, पवित्रता, सत्य, न्याय, कर्तव्यनिष्ठा जैसे शाश्वत मूल्यों से सदैव अपने जीवन को प्रकाशित करते रहना ही आध्यात्म है।


अंत में अध्यात्म की एक लाइन में परिभाषा दें तो यही परिभाषा है कि "शाश्वत मूल्यों को जीवंत रखने का नाम ही सच्चा अध्यात्म है।"

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