कृष्णा१

  कृष्णा ने पृथ्वी पर जो समय बिताया,

उसे ध्यान से देंखा तो जाना कि

समस्या ने उनका साथ जन्म से आरंभ कर ,

सदा ही साथ रही,

तो हम सामान्य लोग,

बिना समस्या के जीवन की इच्छा क्यूं ही करते हैं।

समस्या ये कहती है इस जीवन का कुछ उपयोग है,

तन और मन के उचित संयोग से ही,

हम समस्या से लड़ सकते हैं।

तन की ताकत और मन का संयम ही समस्या मुक्ति का मार्ग दिखाता है,

लेकिन तन की ताकत पर मन की ताकत ज्यादा प्रभावी है,

ये कृष्ण महाभारत के युद्ध में पांडवों को सिखाते हुए बताते हैं कि जीवन के सभी सत्रुओं को स्वयं ही मारना होता है न कि कोई भगवान आ कर व्यक्तिगत रूप से लड़ते हैं, भगवान सिर्फ मानसिक शक्ति देने का काम करते हुए लड़ना सिखाते हैं।

OMG 1 हो या 2 दोनो में सिर्फ मार्ग दर्शक ही भगवान हैं न की समस्या को हटाने वाले।

कृष्णा समस्या से मुक्ति का नहीं कर्मो से लड़ कर जितना सिखाते हैं।

राधे राधे


Abhi अभि

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