आजादी इश्क में १
केवल इस दुनिया के 1% लोग सच में आजाद रहना चाहते हैं,
बाकी लोग सिर्फ दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि वो आज़ाद है।"
शिवा ने अभि से झंडे की ओर देखते हुए कहा।
अभि खुद भी कहां शिवा से आज़ाद होना चाहता था, वो उसको गले लगा कर कहना भी चाहता था,पर उस समय आस पास में लोग सुबह सुबह टहल रहे थे।
मुहब्बत में कैद सजायफ्ता (रहने वाले) लोग कई बार बहुत सी ख्वाहिशों को हर दिन फांसी की सजा दे दिया करते थे।
आज सात साल से ज्यादा समय बीतने पर भी शिवा को लगता है जैसे कल की बात है,प्यार की यादें इतनी गहरी छपी होती हैं मन की दीवारों पर की वक्त की मार से भी वो कहां हल्की होती हैं।
वक्त बेवक्त हम उन्हें कुरेद कर तरो ताज़ा भी तो करते हैं।
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