बचपन और स्कूल1
बचपन सभी को खूबसूरत लगता है,बीत जाने के बाद,
ये एहसास की अब Bachpan ये जो बीता है,ये लौट कर नहीं आएगा,
आंख इस भाव से भर जाते हैं कि गया हुआ ये जो लम्हा था,
ये जो आजादी थी बिना भावनाओं के अहसास के,
शायद यही बात बचपन की सबसे खूबसूरत है,
कोई बात, कोई भावना, कोई दर्द रुकता नहीं है।
रुकता है तो बस मां और पिता का पूरा समय, उस बचपन को निहारते हुए,उसे एक एक पल महसूस करते हुए, खुद को भी साथ में बढ़ते हुए।
बचपन की एक याद जो मैं जाने कैसे भूल ही नही पाया ,
वो स्कूल में पहली बार स्कूल के गेट के अंदर के जंगल में जाना....
बताऊंगा अगर आप कमेंट में जानने की बात लिखेंगे...
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