चेहरा पढ़ना 1
शिवा आज बहुत खुश थी,उसकी बेस्ट फ्रेंड की शादी तय हो गई थी।
शिवा ने अभि को shoping में help करने के लिए बुलाया था,शॉपिंग करते वक्त बार बार शिवा अपने plans बताती , कि वो क्या क्या करेगी उस शादी में।अभि को शिवा के खुशी वाले चेहरे पर चिंता की कुछ लकीरें दिख रही थी। अभि ने थोड़ी देर बाद पूछ ही लिया,
"क्या बात है,जो तुम्हारी खुशी कुछ अधूरी सी है?"
शिवा घबरा गई ,जैसे कोई चोरी पकड़ी गईं हो। फिर थोड़ी ही देर में वो सामान्य हो गई, सोचा " मैं भी कितनी बेवकूफ हूं, मैं अभि से अपनी परेशानी कैसे छुपा सकती हूं?"
फिर उसे याद आया जब अभि नया नया ही कॉलेज में उसका दोस्त बना था, उस दिन दीदी को जीजा जी बुलाने आए थे,पर शिवा ने जीजा जी से दीदी को कुछ दिन रुकने को request की थी, पर वो जानती थी कि जीजा जी जिद्दी हैं,उसके घर पहुंचने पर दी उसे नहीं मिलेगी।
अभि ने क्लास में घुसते ही जाने कैसे जान लिया था, कि शिवा किसी बात से डरी हुई है, जबकि उस समय शिवा किसी बात पर जोर से हंसी थी, और अभि ने कहा था," शिवा सब ठीक है ना? " शिवा ने शर्मा कर पूछा था," पागल हो क्या?क्यों मुझे क्या हुआ?"
अभि ने तुरंत कहा था तुम हंसते हुए कभी बाल नही ठीक करती। इतना कोई किसी को कैसे समझ सकता है, शिवा को अभि की इसी तरह की बात ने दीवाना बना दिया है।
शिवा यादों के खूबसूरत सफर से वापस आ गई थी। अभि इस दौरान हमेशा की तरह बिना पलक झपकाए देख रहा था, शिवा शर्मा गई थी।
घबराहट और शर्म से उसका चेहरा अभि की गाड़ी की रंग में ढल ही रहा था कि अभि ने फिर पूछा" कुछ बताओगी या घर जा कर पापा के सामने फोन कर के बोलोगी " एक बात बताना तो भूल ही गई" अभि हंस रहा था....
कहानी का अगला भाग आगे...
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