दीप और सीख

 दीप दुनिया की अद्भूत कृति हैं,

दीप जले तो,

ना जले तो भी,

सीख जीवन के,

दे जाती है अनमोल।

बिना जले ये बतलाती,

गहराई हो ज्यादा जितनी,

राज उतने छिपवाती,

तेल या बाती का संगम गहरे डूब ये करवाती।

देखो, कितना साहस अदम है,

जिसे हृदय में गहराती,

आग लगाती खुद को बाती,

तेल संग दीप भी गरमाती।

रहा एक जो बात छिपा,

दीप हमें ये बतलाती,

जो जिसको स्थान हृदय में,

वो कितना है तड़पाती।

जो जिसको स्थान हृदय में,

वो कितना है तड़पाती।

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