आसमानों के आईनों में वजूद

 आसमानों के आईने(सैटेलाईट) बताते हैं,

कि धरती पर तू नहीं,

तेरा कोई निशां भी नहीं,

ना ऊंची मंजिलें,

ना बड़ी अट्टालिकांए,

दरो दिवार ,तेरा वजूद भी नहीं ।

और जो तेरा एहतराम(इज्जत) है इस जमीं पर,

और तेरे अहले वहम, कहां दिखते हैं,

आसमान के आईनों में ।

फिर क्यूं है गुमां तुझको तेरे होने पर,

तेरे होने की जब ऊपर आसमानों को खबर ही नहीं ।

कि करना करम ऐसे तू,

खुदा तक रूह ये जाए,

फना जो जिस्म ये तेरा,

तो आंसू आसमां तक आए।

कि करना करम ऐसे तू,

खुदा तक रूह ये जाए,

फना जो जिस्म ये तेरा,

तो आंसू आसमां को आ जाए।

 करना करम ऐसे तू,


खुदा तक रूह ये जाए,


फना जो जिस्म ये तेरा,


तो आंसू आसमां को आ जाए।

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