सीख जिंदगी की १

 चुप्पी कमजोरी नहीं मेरी,

मां ने जवाब देना नहीं सीखाया,

तो गलतफहमी मत पालना,

पिता ने बताया,

जब मैं पहली बार स्कूल जाने लगा,

हर पिता कहते होंगे,

"बेटा झगड़ा मत करना"

मेरे पिता ने भी कुछ ऐसा ही कहा,

पर थोड़ा सा ट्वीस्ट किया इसे,

बोले,

" बेटा किसी से झगड़ना मत"

"पर पापा मैं ना झगड़ूं और सामने वाला झगड़े तो"

"तो बेटा,"

पापा ने मुछों पर ताव दी, बोले

"बेटा तो उसे छोड़ना नहीं,

बस किसी तरह उसे दो जम के लगाना।

फिर मैं उसे पाताल से निकाल के बताउंगा मेरे बेटे को मारने का मतलब,

पर ध्यान रहे, मैं पहले पता करूंगा, कि झगड़ा शुरू किसने किया और क्या मेरे बेटे ने " दो लगाए जम के"

और बेटा अगर हुए तुम गलत, तो वहीं तुम्हे लगाउंगा जम के।"

तब से आज तक 

मैं किसी से लड़ता नहीं, पर जो मुझसे लड़े उसे.....

सही समझे।।।

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