जाना तेरा १
अस्पताल के कमरें में कुछ आवाजें गुंजती हैं,
उन आवाज में मां तेरी चुप होती इक आवाज आज भी,
पायल सी झनकती है।
मेज पर रखी तेरी चुड़ी और पायल खनखनाती सी चुभ सी जाती हैं,
जब तेरे ना होने के अहसास के साथ खिलखिलाहट को तेरी
मेरे कानों में धड़काती है।
तेरी याद तेरी कमी से बिखरा मेरा आंगन आज आवाजों को तड़पती है। #Rip
Comments
Post a Comment