सवाल शाम के
दिन का नीला आसमां नारंगी रंग में शाम होते ही क्यूं खो जाता है?
दुःख बिछड़ने का कहीं मिलन की खुशी भी लाता है,
देखो ना,
बिछड़ता आसमां से सूरज धरती की गोद में कैसे छुप सा जाता है,
सूरज शाम ढ़लते ही धरती में कहां खो जाता है?
धरती में खोने वाला सूरज चांद की रोशनी कैसे बन जाता है?
वो जो चांद है और उसकी सफेद शीतल चांदनी का आलम,
उसमें सूरज की गरमी का असर कहां गुम हो जाता है?
नीला आसमां सूरज के घर आने की खुशी से यूं आंखों में घना काजल लगा लेता है,
लोग रात सोच के खो जाते हैं कहीं,
ख्वाब जो सुनहरें दिन में अधूरे हैं,
बंद सोती आंखों में ये कैसे इतने विस्तार सा समाता है??
दिन का नीला आसमां नारंगी रंग में शाम होते ही क्यूं खो जाता है?
दुःख बिछड़ने का कहीं मिलन की खुशी भी लाता है।
Nice
ReplyDeleteThank u mam
DeleteBeautiful line
ReplyDeleteThank u
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