मांऔरयाद😟

 क्या थे क्या हो गए,

हवा से थे अहसास हो गए,

मां बाप ने धरती पर उतारा हमें,

और हम खास हो गए ।

खून से सींचकर मां ने जिस्म को आत्मा से मिलाया था,

बाप ने सांस देकर हमें इन्सान बनाया था।

आज दौड़ते हैं जिन पैरों के भरोंसों की बदौलत,

उन पैरों पर चलना मां बाप ने सिखाया था हमें।

#शिक्षक दिवस

चुपके से मेरे मन के गलियारे में,

वो बिना दस्तक के आती है,

रात अंधेरी,

दिन उजेरी,

ना किसी से घबराती है,

...

कौन है वो?

पहचानों जरा..

क्यू रोज वो यूं इतराती है??

#मांऔरयाद😟

#पहली शिक्षक

~ @भी(मेरे नाम का शार्ट-अभिषेक)

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