साथ,लिमिटेड पीरियड आफर वाला
"रात के अंधेरे आसमां के दायरों में अलग- अलग कैसे दिखते हैं?कभी बहुत खूबसूरत सी मूरत होती है यहां,हवाएं आंधी भी बने तो दिल तक छू जाती हैं। धड़कनों के साथ मधुर संगीत बजती है" कल रात की आंधी और बारिशों की बात पर अभि, शिवा को बता रहा था।
शिवा का मन तो जैसे किसी बड़े से सागर की लहरों की उठापटक से घिरा था,उसे कहां ये सब इतना खूबसूरत लगता था।
उसके लिए तो रात के अंधेरे आसमां के साथ उसके मन पर भी छा जाते,साथ ना होने की कसक को बढ़ा जाते थे, फिर आंधी कब तूफानी हवा से चोट करती हुई, उसे याद दिलाती छः महिने ही थे , उसके पास अभि को देने के लिए ।
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