पुराने पन्ने 1
#diary #collegelov जिन्दगी की किताब के पुराने पन्नों को पलट कर आज टटोलने की कोशिश की कि कब हम सच में मिले थे?
बहुत मुश्किल हुई कुछ मदद कर दो..
१. वो कॉलेज का दिन जब पहली बार तुम्हे किसी बात पर तुम्हारी बेस्ट फ्रेंड के साथ हंसते देखा था। लगा था जैसे कोई पंछी पिंजरें से आजाद होकर उड़ा था पहली बार ।
बहुत बाद में बताया था तुमने... इकलौती बहन होने के फायदों के बीच कितनी बंदिशें भी मिलती है .. घर की इज्जत कहलाने का मान कितनी हंसी की कुर्बानी मांगता है। क्यूं आखिर लडकियां इस इज्जत के भार तले जीते जी दम तोड़ने लगती हैं। और लड़के बड़ी आसानी से इज्जत के बोझ से बाहर होकर अकसर गंदे कमेंट्स से कभी तो कभी उससे भी आगे वो इज्जत खराब कर पाते हैं...
इस सवाल का नहीं दे पाया मै.. सॉरी
२. ....
यादों ने आंसूओं को गहरा निमंत्रण दे दिया है, तो फिर कभी आगे की बात । वैसे बेस्ट फ्रेंड याद है ना ..
वैसे वो इकोनॉमिक्स की क्लास थी,
तुम तो इकोनामिक्स नहीं पढती थी, कहीं तुम मुझे देखने तो...
ना..... कुछ भी.... ;)
👌👌
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